तुझसे भली तो खुशबु है फूलों की,
उसका काल तो ज्ञात होता है,
दो दिन में फूल मुरझा कर झड़ जाता है
मोह- भंग संग उसके शीघ्र हो जाता है,
शायद,
तुझ से मोह..... मेरा संग छोड़ने वाला है।
- करिश्मा पाल
30.11.1994
No comments:
Post a Comment