Tuesday, August 18, 2020

मोह

तुझसे भली तो खुशबु है फूलों की,

उसका काल तो ज्ञात होता है,

दो दिन में फूल मुरझा कर झड़ जाता है 

मोह- भंग संग उसके शीघ्र हो जाता है,

शायद

तुझ से मोह..... मेरा संग छोड़ने वाला है।   


 - करिश्मा पाल 

30.11.1994 

 


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