घर के कोने आज उदास से हैं,
बाग़ का फूल जो गिर गया है…
उसकी जगह तो शायद कोई दूसरा फूल ले लेगा,
पर, तेरा हाल उससे भी बदतर है।
शायद…..
आज भी उस बाग़ को तेरी एक नज़र की आस है,
लेकिन ….
दिल तेरा किसी और के पास है।
30.11.1994
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