शायद
खुशबू अच्छी है…… पास आ रही है,
तन्हाई भी अच्छी है..... दूर जा रही है।
प्रेम की छाया भी प्रकाश को चीरती,
डरती- सहमती ही सही, आज पास आ रही है,
शायद! तुम आने वाले हो।
- करिश्मा पाल
30.11.1994
शानदार अभिव्यक्ति
शानदार अभिव्यक्ति
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