आज का पावनदिन उन सभी के लिए महत्वपूर्ण है जो की मानवता के लिए अपनी जिंदगी का छोटा ही सही कुछ वक़्त देते हैं या सोचतें हैं। भारतरत्न भीम राव अम्बेडकरने ऐसी मिसाल युगों के लिए छोड़ दी है जिसके परिपालन से भेदभाव, अपमान और इंसान से नफरत करने की फितरत स्वमेव ही मीलों दूर चली जायेगी, रह जाएगा एक ऐसा समाज जो जनम के आधार पर नहीं वरन कर्म के आधार पर चलना सीख जायेगा। हमारा फ़र्ज़ बनता है की अधिकाधिक लोगों को भाईचारे का सन्देश समझाएं और इंसानियत के मार्ग पर अपने निशान छोड़तें चलें जाएँ।