Thursday, March 7, 2019

हाँ, मैं ज़िद्दी हूँ।

हाँ, मैं ज़िद्दी हूँ।

मेरे विचारों की सकारात्मक ऊर्जा से कोई विचलित हुआ, तो, मैं ज़िद्दी हूँ।

अपनी प्रतिभा को एक दिशा देने का प्रयास किया, तो, मैं ज़िद्दी हूँ।

चारदीवारी को लांघ कर औरों को सहारा दिया, तो, मैं ज़िद्दी हूँ।

मज़बूत इच्छाशक्ति से लक्ष्य भेदा, तो , मैं ज़िद्दी हूँ।

मेरी ज़िद मेरी सफलता का द्वार है
मेरी ज़िद अवगुण नहीं , प्रहार है।

मेरी ज़िद मेरे अस्तित्व, आत्म सम्मान, आत्म विश्वास, आत्म निर्भरता का आयाम है।

इसलिए, खुश हूँ, कि, हाँ मैं ज़िद्दी हूँ।

-करिश्मा पाल